रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। करीब सवा सौ सफाई कर्मियों की भारी भरकम फौज होने तथा लाखों रुपए वेतन आदि में व्यय करने के बाद भी कस्बे में जगह-जगह लगे कूड़ें के ढेर इनकी लापरवाही दर्शा रहे हैं साथ ही स्वच्छ भारत मिशन अभियान को ठेंगा दिखा रहे हैं।
कस्बे की नगर पंचायत में 125 सफाई कर्मी तैनात है। इनके वेतन में प्रतिमाह करीब 15 लाख रुपए व्यय किया जाता है। इसके अलावा दर्जनों की संख्या में कूड़ा ढोने वाली गाड़ियां लाखों रुपए की डीजल प्रतिमाह पी रही हैं। इसके बाद कस्बे में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। ऐसा कोई वार्ड नहीं है जहां कूड़े के ढेर नहीं लगे हैं। इन ढ़ेरों में दिनभर अवारा पशु मुंह मारते हैं और कूड़ा के ढेर को पूरी रास्ते में फैलाकर गंदगी पैदा करते हैं। इससे कस्बावासी परेशान है। नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश गुप्ता दीपू का आरोप है कि नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था बेहद खराब है जगह जगह लगे कुडें के ढेर स्वत: ही सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।
नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी दिनेश आर्य ने कहा कि उन्हें कुंडें की ढेर की जानकारी नहीं है। वह खुद भ्रमण करके निरीक्षण करेंगे। जिस क्षेत्र में कूड़े के ढेर मिलेंगे वहां के सफाई कर्मी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

