
राठ/हमीरपुर ।विधानसभा क्षेत्र का सबसे व्यस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों बदहाल हालात से गुजर रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव और अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के चलते मरीजों को इलाज की बजाय निराशा ही हाथ लग रही है। अधीक्षक से लेकर स्टाफ तक अपनी मनमानी में व्यस्त हैं और मुख्य चिकित्सा अधिकारी तमाम शिकायतों के बावजूद चुप्पी साधे हुए हैं।
इस स्वास्थ्य केंद्र पर सबसे ज्यादा हड्डी और दुर्घटना संबंधी मरीज आते हैं, लेकिन यहां आर्थोपेडिक विशेषज्ञ का एक भी पदस्थापन नहीं है। महिलाओं और प्रसूताओं की संख्या अधिक होने के बावजूद स्त्री रोग विशेषज्ञ भी अनुपस्थित हैं। हैरानी की बात यह है कि पास के मुस्करा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात हैं, जबकि उनकी वास्तविक जरूरत राठ में है।
प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के अंतर्गत सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए खोला गया जन औषधि केंद्र भी मात्र दो-तीन दिन चलने के बाद बंद पड़ा है। नतीजतन मरीज मेडिकल स्टोर्स से मंहगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं।
केंद्र अधीक्षक को प्रतिदिन कम से कम 40 मरीज देखने चाहिए, लेकिन वे अक्सर अस्पताल से नदारद रहते हैं। रात के समय आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों को भी गंभीरता से न लेकर बाहर रेफर कर दिया जाता है। यही कारण है कि यह स्वास्थ्य केंद्र अब “रेफर सेंटर” के रूप में बदनाम हो चुका है।
अस्पताल परिसर की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है। मुख्य गेट पर बोरिंग से निकला मलबा जमा है, जिसे हटाने की जहमत कोई अधिकारी नहीं उठा रहा। इस गंदगी के बीच मरीज और उनके परिजन अक्सर फिसलकर चोटिल हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो मरीजों की जान पर बन आएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
