भाजपा साध्वी के जरिए तथा सपा रुक्मणी के साथ वोटो को सहेजने में जुटी
एन के यादव रियलमीडिया
हमीरपुर। सपा और भाजपा के मध्य निषाद समुदाय को लुभाने के लिए होड़ मची हुई है। बुंदेलखंड के साथ रूहेलखंड के जनपदों में फैले निषाद वोटरों पर सभी की नज़रें लगी हुई है। भाजपा के साथ सपा, बसपा, निषाद पार्टी इन वोटरों पर पैनी नजरें गडाये हुए है। सर्वाधिक होड़ भाजपा, सपा के मध्य है। दोनों दल 2027 के चुनाव में अति पिछड़े इस वर्ग को अपने पाले में खड़ा करने की कवायद में अभी से जुट गए हैं।
बुंदेलखंड के हमीरपुर बांदा चित्रकूट महोबा झांसी जालौन ललितपुर में निषाद समुदाय की अच्छी खासी तादाद है। यह समुदाय कई सीटों पर उलटफेर की क्षमता रखता है। इसके अलावा रुहेलखंड के कानपुर नगर फ़तेहपुर कानपुर देहात औरैया इटावा आदि जनपदों में भी यह समुदाय निर्णायक मतदाता है। इन मतों को अपने पाले में खड़ा करने की भाजपा सपा में होड़ मची हुई है। विगत दिनों भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाकर निषाद समुदाय को साधने का बड़ा संदेश दिया था। साध्वी मूलतः हमीरपुर के पत्योरा गांव की निवासी है। इनकी पकड़ बुंदेलखंड के साथ-साथ यमुना पार के जिलों में भी है। साध्वी के सामने सपा पूर्व दस्यु सुंदरी फूलन देवी की बड़ी बहन रुक्मिणी देवी को लेकर आई है। इनको सपा महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। यह पिछले तीन दशक से सपा में सक्रिय थी। जालौन जनपद की मूल निवासी रुक्मिणी देवी की ससुराल औरैया में है। इस लिहाज से यमुना के इस पार और उस पार दोनों तरफ उनकी पकड़ है। यह दोनों चेहरे निषाद समाज को कितना भाजपा सपा की तरफ मोड़ेंगे, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है लेकिन जिस तरह से दोनों दल निषाद समुदाय को अभी से लुभाने में जुटे हुए हैं। उससे यह साबित हो रहा है कि दोनों दलों के लिए यह समुदाय विधानसभा चुनाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन दोनों चेहरों के अलावा बुंदेलखंड में भाजपा के पास राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद तथा सपा के पास पूर्व सांसद व राष्ट्रीय महासचिव विशंभर निषाद है। इन नेताओं के जरिए भाजपा सपा बुंदेलखंड के साथ रूहेलखंड के निषाद मतदाताओं को साधने की जुगत में है। सपा भाजपा के अलावा बसपा निषाद पार्टी भी इन मतों पर नज़रें लगाए हुए है। बसपा के पास कोई बड़ा नेता बुंदेलखंड में नहीं है। बसपा नेता रामफूल निषाद को पार्टी इस समय समाज का चेहरा बनाने में जुटी हुई है। निषाद पार्टी के संजय निषाद बार-बार दौरा करके अपने मतों को सहेजने की कोशिश कर रहे हैं।
