ऑफलाइन व्यवस्था जारी रखने एवं मानव संपदा आईडी बनाए जाने तक पुराने तरीके से चिकित्सा बिल स्वीकारने की मांग
औरैया। सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय प्रांगण ककोर मुख्यालय औरैया में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार पांडेय के नेतृत्व में पेंशनर्स की विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन किए जाने का विरोध करते हुए मांग की कि ऑनलाइन व्यवस्था के साथ-साथ ऑफलाइन व्यवस्था भी पूर्ववत जारी रखी जाए। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि एक समय ऐसा था जब जीवित प्रमाण पत्र शत-प्रतिशत ऑफलाइन जमा किए जाते थे लेकिन धीरे-धीरे ऑनलाइन व्यवस्था को अपनाने के परिणामस्वरूप आज लगभग 60 प्रतिशत जीवित प्रमाण पत्र ऑनलाइन जमा हो रहे हैं। पेंशन निदेशालय उत्तर प्रदेश की रिपोर्ट भी इस दिशा में प्रगति को दर्शाती है। अतः चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामले में भी ऑनलाइन व्यवस्था के साथ ऑफलाइन विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए।सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा बिलों को ऑनलाइन व्यवस्था के नाम पर रोकना पेंशनरों के साथ अन्याय है। चिकित्सा विभाग द्वारा 1 अक्टूबर 2026 से ऑफलाइन चिकित्सा बिल स्वीकार करने से मना कर दिया गया है, जिसके कारण अनेक पेंशनरों के चिकित्सा बिल कालातीत होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि 70, 80 एवं 90 वर्ष की आयु के बुजुर्ग पेंशनर अपना इलाज कराएं या साइबर कैफे के चक्कर लगाएं, यह किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। अधिकांश पेंशनरों के पास ई-एचआरएमएस कोड उपलब्ध नहीं है जिसके कारण वे ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करना चाहते हुए भी ऐसा करने में असमर्थ हैं। जिलाध्यक्ष ने मांग की कि जब तक सभी पेंशनरों की मानव संपदा आईडी एवं आवश्यक ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा दी जातीं, तब तक उनके चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी बिल पूर्व की भांति ऑफलाइन स्वीकार किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश पारिवारिक पेंशनर कम पढ़े-लिखे अथवा अशिक्षित हैं। ऐसी स्थिति में बुजुर्ग पेंशनरों को अपनी जायज मांगों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। धरना-प्रदर्शन के उपरांत संगठन के प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिलाधिकारीबृजेश कुमार को मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया तथा पेंशनरों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई।कार्यक्रम में मुख्य रूप से फतेह बहादुर सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रामनाथ त्रिपाठी, बलराम सिंह, नूर हसन, अखिलेश चंद दुबे, प्रमोद चंद्र त्रिपाठी, दिनेश चंद दुबे, अहीबरन सिंह वर्मा, संतोष कुमार त्रिपाठी, डॉ. रामनरेश तिवारी (सभी जिला उपाध्यक्ष), हरगोविंद सिंह गुप्ता जिला मंत्री, सत्येंद्र मोहन सिंह यादव, अशोक कुमार भास्कर, लतीफ शेख खान, एस.के. चौधरी संप्रेक्षक सहित सैकड़ों पेंशनर उपस्थित रहे।
