रियल मीडिया नेटवर्क
भरुआ सुमेरपुर। यमुना एवं बेतवा नदी पर बने पुलों की हालत जर्जर होने तथा 40 टन से अधिक भार के वाहन गुजरने पर रोक लगाने के बाद भी ओवरलोड का खेल नहीं थम रहा है। ओवरलोड को गुजारने में कुकुरमुत्ते की तरह उग रहे लोकेटरों की भूमिका अहम है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम यमुना एवं बेतवा नदी पर बने 49 साल पुराने पुल की हालत जर्जर बताई है।इनसे 40 टन से अधिक क्षमता वाले वाहनों को गुजारने पर रोक लगाने के सिफारिश प्रशासन से की थी। प्रशासन ने दोनों पुलों पर चेतावनी बोर्ड लगाकर ओवरलोड की जांच के लिए टीमें तैनात कर दिए हैं। इसके बाद भी ओवरलोड में अंकुश नहीं लग रहा है। टीमों के हटते ही जगह-जगह मौजूद लोकेटर वाहनों को गुजारने में जुट जाते हैं। यह नजारा प्रतिदिन कस्बे में तड़के सैकड़ो की तादाद में ओवरलोड वाहनों को जाते हुए देखा जा सकता है। ज्यादातर ओवरलोड वाहनों में 80 से 90 टन बालू लोड रहती है। लोकेटर की सूचना पर यह धड़ल्ले से दोनों पुलों से गुजर कर कानपुर की सीमा में घुस जाते हैं। थानाध्यक्ष अनूप कुमार सिंह ने बताया कि ओवरलोड के खिलाफ परिवहन एवं खनिज विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हैं। जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस सहयोग करती है।

