
शिविरों में राहत सामग्री का वितरण
प्रशासनिक अमला तत्परता से सक्रिय
अवध दीक्षित
घाटमपुर (कानपुर)। तहसील क्षेत्र के यमुना तटवर्ती स्थित अस्थायी जलभराव से प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्य जारी है। रविवार को क्षेत्रीय विधायक सरोज कुरील ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। वहीं, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के मार्गदर्शन में प्रशासनिक अमला लगातार मौके पर मौजूद रहकर कार्यों की निगरानी कर रहा है। इधर, यमुना नदी का जलस्तर भी धीरे धीरे कम होना शुरु हो गया है।
रविवार सुबह उप जिलाधिकारी अबिचल प्रताप सिंह ने फ्लड पीएसी टीम के साथ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।प्रभारी अधिकारियों के अनुसार कटरी, काटर, गड़ाथा, हरदौली और महुआपुरवा में कम्युनिटी किचन के ज़रिए सुबह चना और दलिया का नाश्ता वितरित किया गया। दोपहर में पूड़ी, सब्जी, दाल और चावल का भोजन बाढ़ प्रभावित घरों, सुरक्षित ठिकानों और नावों के माध्यम से पहुंचाया गया। रात्रि भोजन की व्यवस्था भी की गई है, जिससे कोई भी परिवार भूखा न रहे।
उधर, क्षेत्रीय विधायक सरोज कुरील ने उप जिलाधिकारी के साथ गड़ाथा और कटरी गांवों का भ्रमण किया। उन्होंने मोटर बोट से गांव के अंदर जाकर राहत सामग्री वितरित की। बच्चों को बिस्किट और टॉफियां दीं। कई परिवारों को मच्छरों से बचाव के लिए अगरबत्ती आदि भी दी गई।
अधिकारियों बताया कि यमुना के जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है। गड़ाथा गांव में लगभग दो मीटर पानी घट चुका है। बताया कि कटरी, काटर, गड़ाथा और हरदौली में राहत शिविर संचालित हैं। जहां लोगों को भोजन, पेयजल, दवा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राजस्व टीम और पीएसी बल लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों तक मदद पहुंचा रहे हैं।
पशुओं के लिए टीके और दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। मोबाइल पशुचिकित्सा टीमें क्षेत्र में सक्रिय हैं। साथ ही, घाटमपुर सीएचसी की स्वास्थ्य टीम गांवों में पहुंचकर लोगों का इलाज और दवाएं वितरित कर रही है। बाढ़ से निपटने के लिए 37वीं बटालियन पीएसी की भूमिका सराहनीय है। प्रशिक्षित जवान लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। वहीं स्थिति को देखते हुए विधायक की पहल पर दो नावें और मंगवा ली गई हैं।


