
द बैनर न्यूज – कानपुर। विकास को तरसते महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में आधी हकीकत आधा फसाना सुविधाओं के नाम पर आश्वासन और बहाना बस यही हाथ लगा है लगभग 14 वर्षों में। व्यापार रो रहा है व्यापारी बिलख रहा है शहरी क्षेत्रों में नाली सड़क खड़ंजा या तो है नहीं या फिर जर्जर हालत में हैं। ज़रा सी बारिश और फिर नारकीय हालात अगर देखना हो तो एक बार ज़रा पहाड़पुर श्रीनगर, द्विवेदी नगर, अर्रा बिनगवा, मछरिया राजीव नगर, काली मठिया घूम आइये नमूना मिल जायेगा। ऐसी हालत में लाखों-करोड़ों लगाकर मकान-दुकान बनाकर सुखमय जीवन यापन का सपना चूर-चूर होकर बिखरा दिखाई देगा। जल निकासी एक ऐसी बड़ी समस्या है जिसका अभी तक कोई भी निदान नहीं किया जा सका है इन क्षेत्रों का पानी जिस सीओडी नाला में जाना चाहिए उस नाले की भी कभी ढ़ंग से सफाई नहीं होती। नाला किनारे रहने वाले हज़ारों लोगों का जो दुख-दर्द है उसका कोई पुरसा हाल नहीं है। बीमारियों से पीड़ितों के बयान दर्द भरे हैं। उम्मीदों पर ऐसी बिजली टूटकर गिरी है कि सब कुछ जलकर राख हो गया है। ज्यादातर जगहों पर कूड़े के ढेर इन क्षेत्रों में बीमारियों के वाहक बन गये है ऊपर से कोई सुनने वाला भी नहीं है हर वार्ड में कहीं न कहीं ऐसी अव्यवस्थाएं हैं जिन्हें ज़रा सा ध्यान देकर ठीक किया जा सकता है मगर जब सइयां भये कोतवाल तो डर काहे का कहावत लागू होती है। नज़ारा देखना है तो यह फोटो देख लीजिये नौबस्ता थाने के आस-पास का है। सोचिये ज़रा जब शहर का यह हाल है तो महाराजपुर के गांव की क्या दशा होगी। अब कोई आकर अगर विकास की गंगा बहाने का दावा करता है तो फिर तो कोरी हकीकत और पूरा फसाना माना जायेगा।

