(नंदकिशोर यादव)
हमीरपुर। लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के सामने बुंदेलखंड में बुरी तरह से मात खाने के बाद भाजपा विधानसभा चुनाव के 6 माह पूर्व बुंदेलखंड को मथने में जुट गई है। विकास के मुद्दे को आगे करके सपा के पीडीए के मुद्दे की धार को कमजोर बनाकर बुंदेलखंड में गत विधानसभा चुनाव की तरह परचम फहराने की कोशिश में जुट गई है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बुंदेलखंड की 19 में से 16 सीटों पर विजय हासिल कर सकी थी। जबकि सपा को महज तीन सीटें मिली थी लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में सपा ने भाजपा को बुंदेलखंड की सरजमी में करारा झटका दिया था और पीडीए की बदौलत बुंदेलखंड की चार में से तीन लोकसभा सीटें जीतकर भाजपा को करारा झटका दिया था। अब भाजपा विधानसभा चुनाव में सपा को झटका देने की तैयारी में अभी से जुट गई है और बुंदेलखंड के विकास की धार को हथियार बनाकर सपा के पीडीए को कुचलने की तैयारी कर रही है। भाजपा को इसमें कितनी सफलता मिलेगी यह वक्त आने पर ही पता चलेगा।
विधानसभा चुनाव में अब महज 6 माह का वक्त बचा है। भाजपा सपा की चुनावी तैयारी चरम पर है। सपा ने एक बूथ 10 यूथ के तहत बूथवार कमेटी बनाकर भाजपा को उसी के गढ़ में घेरने की तैयारी कर रखी है। बूथ अध्यक्षों को पीडीए के साथ संविधान बचाओ आरक्षण बचाओ जैसे मुद्दों से प्रशिक्षित करके घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सपा ने इन्हीं मुद्दों के सहारे लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को बुंदेलखंड में कड़ी शिकस्त देकर हमीरपुर महोबा बांदा जालौन की लोकसभा सीट जीत ली थी। भाजपा को महज झांसी लोकसभा सीट ही मिल सकी थी। लोकसभा चुनाव के नतीजे को यदि आधार बनाया जाए तो बुंदेलखंड की 19 विधानसभा सीटों में 15 सीटों पर सपा को बढत हासिल है। इसी बढत को कमजोर साबित करने को भाजपा अभी से तैयारी में जुट गई है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 19 में से 16 सीटों पर जीत हासिल की थी। महज तीन सीटें बांदा जनपद की बबेरू, चित्रकूट जनपद की कर्वी तथा जालौन जनपद की कालपी से ही सपा जीत सकी थी। भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा को बुंदेलखंड की सरजमीं पर विकास के मुद्दे के सहारे क्लीन स्वीप करना चाहती है। इसके लिए उसने अभी से कमर कस रखी है। शनिवार और रविवार को बुंदेलखंड के झांसी ललितपुर महोबा राठ के दौरे पर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि स्वास्थ्य शिक्षा आदि के क्षेत्र में करोड़ों की सौगात देकर दावा किया है कि उनकी सरकार में बुंदेलखंड से पलायन रुका है और बुंदेलखंड आत्मनिर्भर बना है। भाजपा को आगामी चुनाव में इन योजनाओं का कितना लाभ मिलेगा यह अभी भविष्य के गर्त में है। इसका पता चुनाव परिणाम के दौरान ही चल सकेगा लेकिन जिस तरह से भाजपा ने अभी से बुंदेलखंड को मथने का कार्य शुरू किया है उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि बुंदेलखंड में मुकाबला भाजपा सपा के ही मध्य होने वाला है और दोनों दल एक दूसरे को मात देने के लिए अभी से कमर कसने लगे हैं।
लोकसभा चुनाव में सपा के हाथों मात खाने के बाद बुंदेलखंड में अभी से चुनावी तैयारी में जुटी भाजपा
